Wednesday, December 10, 2008

प्यार है रब


आज फिर खुदा ने पूछा मुझे कि
तेरा हसता हुआ चेहरा उदास क्यों है !!
इन भीगी हूई आँखों मे
इतनी तड़प और प्यास क्यों है !!
जिनकी नज़रों मे तूं कुछ भी नहीं
वो तेरे लिए इतना ख़ास क्यों है !!
मैंने हस्ते हुए कहा खुदा से गर प्यार नहीं रब
तो मेरे लिए वो भी परेशान क्यों है !!