कभी वक्त मिला तो जुल्फें भी सवारेंगे
अभी वक्त को सवारने मे मसरूफ हैं
Tuesday, June 7, 2011
Thursday, September 30, 2010
इंसान को सिर्फ इंसान
हो गए आज़ाद चाहे गोरों के राज़ से
आज भी डरती है चिड़िया बाज से
कुछ तो झगडे करवाए धर्मों ने
और कुछ किया वहमो और भ्रमो ने
६० साल से बना मसला नहीं ख़तम होता
धर्म के ठेकेदारों के पास असला नहीं ख़तम होता
कभी हिन्दू सिख लड़े कभी मुसलमान
समझे न कोई इंसान को सिर्फ इंसान
आज भी डरती है चिड़िया बाज से
कुछ तो झगडे करवाए धर्मों ने
और कुछ किया वहमो और भ्रमो ने
६० साल से बना मसला नहीं ख़तम होता
धर्म के ठेकेदारों के पास असला नहीं ख़तम होता
कभी हिन्दू सिख लड़े कभी मुसलमान
समझे न कोई इंसान को सिर्फ इंसान
Monday, July 26, 2010
दिल का दर्द
कर ली हसीं गलती
मेरे दिले नादान ने
मोह लिया मुझे उसकी
कातिल मुस्कान ने
दिल का दर्द
अब किसे बताऊ
जान बन कर जान
निकल ली मेरी जान ने
मेरे दिले नादान ने
मोह लिया मुझे उसकी
कातिल मुस्कान ने
दिल का दर्द
अब किसे बताऊ
जान बन कर जान
निकल ली मेरी जान ने
Sunday, April 18, 2010
Wednesday, March 24, 2010
जीना नहीं आता
जिंदगी खुबसूरत है
हमें जीना नहीं आता
हर शै मे नशा है
हमें पीना नहीं आता
हम सब के बिना जी सकते हैं
पर तेरे बिना हमे जीना नहीं आता
हमें जीना नहीं आता
हर शै मे नशा है
हमें पीना नहीं आता
हम सब के बिना जी सकते हैं
पर तेरे बिना हमे जीना नहीं आता
Monday, March 1, 2010
नैनो कि मजबूरी
Thursday, February 11, 2010
ज़हर
तेरे जाने के बाद
हमने हाल क्या बना लिया
ढूँढ़ते थे फूल
हाथ काँटों को लगा लिया !
दिल कि प्यास
बुझाने के ख्याल से
पानी के बदले
ज़हर होंठो को लगा लिया
हमने हाल क्या बना लिया
ढूँढ़ते थे फूल
हाथ काँटों को लगा लिया !
दिल कि प्यास
बुझाने के ख्याल से
पानी के बदले
ज़हर होंठो को लगा लिया
Thursday, February 4, 2010
तो क्या करें
वफ़ा कि राह मे बेवफाई मिल जाये तो क्या करें
ख़ुशी कि राह मे गम मिल जाये तो क्या करें
कैसे बचें जिंदगी कि धोखे बाज़ी से
कोई हंस के धोखा दे जाये तो क्या करें
ख़ुशी कि राह मे गम मिल जाये तो क्या करें
कैसे बचें जिंदगी कि धोखे बाज़ी से
कोई हंस के धोखा दे जाये तो क्या करें
Sunday, January 24, 2010
तेरे दर पे
Tuesday, December 8, 2009
आँखों मे अश्क
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jo rukh zyadaa uchche ne oh kade chhavaa nahi करदे
जिन्ना दी फितरत विच दगा ओह कदे वफ़ा नहीं करदे
जो रुख ज्यादा उच्चे ने ओह कदे छावा नहीं करदे